Vinod Got New LifeBack

क्यो डर जाते है मुसीबत को देखकर ,
हर मुसीबत में सच का सवेरा होता है, 

विनोद को दिया सेवा परमो धर्म''ट्रस्ट'' ने नया जीवन 

उतर प्रदेश अलीगढ जिले के निवासी विनोद कुमार।ट्रक चला कर घर का गुजरा करने वाले विनोद कुमार का कुछ महीनों पहले अचानक एक्सीडेंट हो गया और ईलाज के लिए दिल्ली हॉस्पिटल में रेफर करवाया गया एक्सीडेंट में उनके पैर में चोट लगी जिसके कारण उनको अपना पैर खोना पड़ा काफी दिनों हॉस्पिटल  में ईलाज चला  और विनोद कुमार काफी महीने कोमा में रहे जिसके चलते डॉक्टर ने विनोद कुमार को मृत घोषित कर दिया गया था सात आठ महीने पश्चात विनोद के परिवार वालो ने डॉक्टर को विनती करते हुए कहा की विनोद का एक बार और ईलाज करे फिर डॉक्टर ने विनोद को वेल्टीनेटर पर रखा जिससे विनोद कोमा से बाहर आ गया  लेकिन उनकी जो पेट में नश थी वो दब गयी जिसके कारण शरीर में इन्फेक्शन हो गया जिससे पैट के आत की जो नशे थी वो  बाहर आ गयी जिससे पैट की गाँठ बन गयी एक्सीडेंट के ईलाज में विनोद के परिवार वाले  पहले से ही कर्जे में डूब गए तभी विनोद को एक और बीमारी ने गेर लिया सहारा देने वाला भी कोई नहीं था परिवार वाले हताश होकर थक गए थे तभी टी.वि के माध्यम से सेवा परमो धर्म के निःशुल्क प्रकल्पों की जानकारी मिली विनोद कुमार ने बिना समय खोए सेवा परमो धर्म के संस्थापक  प्रशांत जी  अग्रवाल से मुलाकात  कर अपनी दुःख की पीड़ा को बताया। 

प्रशांत जी ने विनोद की सारी बात और पारिवारिक स्थति को समझते हुए उनको उदयपुर के गीतांजलि हस्पताल में चेक उप  करवाया
सेवा परमो धर्म ''ट्रस्ट '' और समस्त दानदाताओं की मदद  से विनोद का  निःशुल्क सफल ओपरेशन करवाया आज विनोद अपनी सु:ख की जिन्दगी जी रहे है