Suman got a new life Back

सुमन को मिली जीने कि राह 
उत्तरप्रदेश के गाजीपुर शहर के रहने वाले मिथलेश मेहनत मजदुरी करके अपने परिवार का भरण - पोषण कर रहे थे। परिवार मे किसी प्रकार कि कोई दिक्कत नही थी परिवार को दो समय कि रोटी मिल जाती थी परिवार उसमे खुश था। किंतु एक दिन मिथलेश कि बेटी सुमन कि तबीयत बिगड़ गयी। मिथलेश ने अपनी बेटी का प्राथमिक चिकित्सालय मे चेक-अप करवाया जहाॅ डाॅक्टर ने कुद दवाईयाॅ दी किंतु उन दवाईयो का कोई असर नही हो पा रहा था। सुमन कि इस परेशानी को हल्के मे लेना इस परिवार के लिए भारी पड़ा। सुमन कि तबीयत बहुत ज्यादा खराब रहने लगी थी। बच्ची को सांस लेन, चलने - फिरने मे बहुत दिक्कत होती थी तब मिथलेश ने अपनी बच्ची का एक प्राईवेट हास्पीटल मे चेक - अप करवाया जहाॅ डाॅक्टर ने दिल मे छेद बताया और जल्द-से-जल्द आॅपरेशन करवाने के लिए। जब डाॅक्टर ने दिल मे छेद बताया तो मिथलेश बहुत घबरा गये और रोने लग गये कि अब अपनी बेटी को कैसे बचाएंगे और बहुत निराशा के साथ घर चले गये। एक दिन उनको कुछ समाचार पत्रो के माध्यम से सेवा परमो धर्म ट्रस्ट के द्वारा आयोजित निशुल्क हृदय रोग केम्प के बारे मे जानकारी मिली तो वो केम्प मे अपनी बच्ची को लेकर आये और यहाॅ उन्होने अपनी बच्ची का चेक-अप करवाया और कुछ दिनो कि जांच-पड़ताल के बाद सुमन का जयपुर के  नारायण हृदयालये हास्पीटल मे आॅपरेशन करवाया गया। सुमन के आॅपरेशन मे 1 लाख 80 हजार रूपये का खर्चा आया और सारा खर्चा सेवा परमो धर्म ट्रस्ट के माध्यम से समाज सेवी दादा कान हसोमल लखानी द्वारा वहन किया गया।