Rajat got a new beautiful life Back

रजत के जीवन में आई फिर से खुशहाली
होशियारपूर , पंजाब के रहने वाले 8 वर्षिय रजत के पिता जसविंदर मजदूरी कर के महिने के पॉच-साढ़े पॉच हजार रूपये कमाकर अपने परिवार के  सदस्यों का भरण-पोषण करते थे। जीवन कि घड़िया जैसे-तैसे कट रही थी कि एक दिन उनके बेटे रजत  कि तबियत बिगड़ गयी तो वो रजत को लेकर कही जगह गये मगर रजत कि तबियत में कोई सुधार नही हो रहा था। बहुत चेक-अप करवाने के बाद उन्हे मालुम हुआ कि उनके बेटे रजत जिसने अभी इस दुनियॉ में कुछ देखा भी नही है उसे दिल कि बीमारी है। तब जसविंदर अपने बेटे को लेकर जयपुर के नारायण हृदयालये हास्पीटल गये जहां उन्होने अपने बेटे का चेक-अप करवाया तो डॉक्टर ने बताया कि उनकी नन्ही सी जान के दिल में छेद है। ये सुनकर जसविंदर  बहुत घबरा गये डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन होगा जिसमें करीब 2 से 3 लाख  रूपये का खर्चा आएगा। जसविंदर  अपने बेटे को इतनी जगह लेकर घुम चुके थे कि अब उनके पास अपने बेटे का इलाज करवाने के लिए एक रूपया नही था जसविंदर बहुत निराश हो चुके थे। लेकिन हर काली रात के बाद सुबह होती है उसी प्रकार जसविंदर को भी एक उम्मीद कि किरण नजर आयी जब उन्हे सेवा परमो धर्म ट्रस्ट के बारे मे पता चला। वो तुरन्त अपने बेटे को लेकर उदयपुर आ गये और यहॉ आकर उन्होने संस्थापक प्रशान्त अग्रवाल जी से बात कि ओर अपनी हालत से अवगत कराया अग्रवाल जी ने उन्हे इलाज का आश्वासन दिलाया। तत्पश्चात सेवा परमो धर्म ट्रस्ट और समस्त दानादाताओं के माध्यम से रजत  का ऑपरेशन करवाया गया।