Pinkey got a new lifeBack

सेवा परमो ने दी पिंकी को नयी जिंदगी
माहोबा, उत्तरप्रदेश के निवासी मंगल कि ढाई वर्षिय पुत्री पिंकी के जन्म से ही दिल में छेद था। जब पिंकी तीन दिन कि तभी से उसकी तबियत खराब हुई थी। उसके 1 माह बाद उसके पिता ने उसका अन्ट्रासाउन्ड करवाया था जिसमेें दिल मे छेद कि पुष्टि हुई थी। इस चेक-अप के बाद मंगल ने  अपनी बेटी
  का कोई चेक-अप नही करवाया। जब ये चेक-अप करवाया था तो डॉक्टर ने इलाज के लिए 2 लाख के करीब खर्चा बताया था। पैसे नही होने के कारण न तो मंगल दुबारा अपनी बच्ची का चेक-अप करवा पाया और नही इलाज। इलाज नही होने के कारण पिंकी कि उम्र हर रोज घटती जा रही थी। पिंकी दुसरे बच्चो के तरह कोई भी काम नही कर पाती थी। बच्ची कि काया काली पड़ गयी थी। माता-पिता भी अपनी बच्ची कि हालत देख कर आधे हुए जा रहे थे। मगर आर्थिक तंगी इस कदर हावी थी कि कुछ भी नही कर पा रहे थे। जिस प्रकार हर रात के बाद उजाला होता है उसी प्रकार पिंकी के जीवन मे भी एक नया उजाला आया उसके पिता उसे सेवा परमो धर्म ट्रस्ट द्वारा आयोजित केम्प में लेकर आये। मासुम पिंकी को तुरन्त ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया कुछ दिन तक जॉच-पड़ताल के बाद पिंकी का सफल ऑपरेशन किया गया। पिंकी के ऑपरेशन मे करीब 2 लाख 29 हजार रूपये का खर्चा आया था जो कि दादा कान हसोमल लखानी जी के द्वारा वहन किया गया था।