Lovepreet got a new lifeBack

लवप्रीत के जीवन में आयी बहार

जींद, हरियाणा के रहने वाले वज़ीर सिंह मेहनत - मजदूरी करके महीने के  6 - 7 हजार रुपये  कमाकर अपने परिवार के 5 सदस्यों का पेट भरते थे।  बड़ी मुश्किल से घर का गुजारा चल रहा था की एक दिन उनके 1 वर्षीय पुत्र लवप्रीत की तबियत बिगड़ गई बच्चे को साँस लेने में बहुत तकलीफ होने लगी । वज़ीर ने अपने बेटे का कही जगह चेक - अप करवाया तब जाकर उन्हें मालूम हुआ की उनके बेटे के दिल में छेद है । डॉक्टर ने बताया की ऑपरेशन के लिए करीब 1 लाख रूपये तक खर्चा आएगा। वज़ीर अपने बच्चे को खोना नहीं चाहता था मगर उसके पास इतने पैसे नहीं थे की वो अपने बच्चे का ऑपरेशन करवा सके वो बहुत निराश हो चूका था । एक दिन वज़ीर को टी.वी. के माध्यम से सेवा परमो धर्म ट्रस्ट के बारे में जानकारी मिली तो वो तुरंत अपने बेटे को लेकर उदयपुर आ गया और यहाँ आकर उसने संस्थापक प्रशांत अग्रवाल जी से बात की और अपनी सारी पीड़ा बताई। अग्रवाल जी ने लवप्रीत को जयपुर चेक - अप के लिए भेजा और चेक - अप के कुछ दिन बाद लवप्रीत का सफल ऑपरेशन किया गया। लवप्रीत के ऑपरेशन में करीब 90 हजार रूपये का खर्चा आया जो की सेवा परमो धर्म ट्रस्ट के माध्यम से समाज सेवी दादा कान हसोमल लखानी जी द्वारा वहन किया गया।