Heena Got A New LifeBack

                                      हीना की जिंदगी में लौटी खुशियां
करीब तीन सालों से किडनी की बीमारी से पीड़ित हीना को अपनी जिंदगी अंधकारमय दिखने लगी थी। उसको लगा था कि अब वह शायद ज्यादा जी नहीं पायेगी। उसके परिजन भी निराश हो गए, लेकिन उदयपुर के सेवा परमो धर्म संस्थान ने ईलाज के लिए एक लाख रुपए कर सहायता करके उसके जीवन में रोशनी भर दी।
जयपुर निवासी स्व. हकीम शेख की बीस वर्षीय पुत्री हीना को करीब तीन वर्ष पहले बीमार होने पर चेकअप करवाया तो किडनी में बीमारी होने का पता चला। परिवारजनों ने नादेड के एक प्राइवेट अस्पताल में भी चेकअप करवाया जहां डाक्टरों ने उसकी किडनी टांसप्लांट के लिए बताया और जानकारी दी कि इस ईलाज में करीब दस लाख रुपए का खर्च आएगा। सेवा परमो धर्म संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि हीना के परिवारजनों के पास इतने रुपए नहीं थे कि वह उसका ईलाज करवा पाए। परिवार में पांच सदस्य हैं और मासिक कमाई मात्र सात-आठ हजार रुपए है। परिवारजन अपनी लाडली बेटी को खोना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने आॅपरेशन की धनराशि जुटाने काफी प्रयास किए। इधर हीना की तबीयत भी खराब होने लगी थी। परिजनों ने कुछ जेवर भी बेच दिए, पर ईलाज के लिए पूरा पैसा नहीं मिल पाया। इसी बीच उन्हे सेवा परमो धर्म के बारे में जानकारी मिली। परिजन तुरंत उदयपुर पहुंचे। श्री प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि हीना के बारे में संस्थान ने जानकारी ली और उसके बाद उसे एक लाख रुपए की सहायता उपलब्ध करवाई गई। इससे उसका नडियाद, गुजरात के मूलजी भाई पटेल हाॅस्पीटल में आॅपरेशन संभव हुआ। ईलाज के बाद हीना खुश और स्वस्थ है।  श्री प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि हीना की जिंदगी में उजियारा देखकर हम सब भी अति प्रसन्न हैं।